जब कभी धर्म, जात-पात, भाषा या कुछ निजी स्वार्थों पर लोगों के मन बंटते देखता हूँ, हर जगह "ये तेरा और ये मेरा" का नारा बुलंद होते देखता हूँ, तो लगता है कि अगर हम ऐसे ही रहे तो ऐसा ना हो कि आज कि दरारें कल ना पटने वाली खाईयां बन जाए और मन के साथ साथ ये देश भी बँट जाए, कुछ कहने को जी चाहता है, नहीं भाइयों बांटना ही है तो मन जोड़ कर समस्याएं बांटों..
इस post में मैं कुछ ऐसी ही पंक्तियाँ रखूंगा, जो भेदभाव कि राजनीति, मंदिर-मस्जिद, जात-पात को सिरे से नकारती है
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कोई बोले राम राम कोई खुदाए
Beautiful words..
कोई राम कहता है कोई अल्लाह
कोई तीरथ जाता है कोई हज
सबके अपने अपने मानने के तरीके हैं समझो तो सब एक ही है
Beautiful words..
कोई राम कहता है कोई अल्लाह
कोई तीरथ जाता है कोई हज
सबके अपने अपने मानने के तरीके हैं समझो तो सब एक ही है
Lyrics and Translation:
कोई बोले राम राम, कोई खुदाए
[Some call the Lord 'Ram, Ram', and some 'Khuda']
कोई सेवे गुसैयाँ कोई अल्लाहि
[Some serve Him as 'Gusain', others as 'Allah']
कारण करण करीम
[He is the Cause of causes, and Generous]
कृपाधार रहीम
[He showers His Grace and Mercy upon us]
कोई नहावे तीरथ कोई हज जाये
[Some pilgrims bathe at sacred shrines, others go on Hajj to Mecca]
कोई करे पूजा कोई सिर नवाए
[Some do devotional worship, whilst others bow their heads in prayer]
कोई पढ़े वेद कोई कितेब
[Some read the Vedas, and some the Koran]
कोई ओढे नील कोई सुफेद
[Some wear blue robes, and some wear white]
कोई कहे तुरक कोई कहे हिन्दू
[Some call themselves Muslim, and some call themselves Hindu]
कोई बाछे भिसथ कोई सुरगिंदु
[Some yearn for paradise, and others long for heaven]
कहू नानक जिन हुकम पछाता
[Says Nanak, one who realizes the Hukam of God's Will]
प्रभ साहिब का थिन भेद जाथा
[knows the secrets of his Lord Master]
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वो ख़ुदा है किसी टूटे हुए दिल में होगा
मस्जिदों में उसे ढूँढो न कलीसाओं में
- कतील शिफाई
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