my own little corner

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जो तू मुझे ना समझ पाती

सोचता है ये दीवाना,
जो तू बदल जाती, जो हमारे दरमियान दूरी आती
वो मेरा सब कुछ कह कर भी कुछ न कह पाना
या फिर खुद से ही शिकवों में सिमट कर रह जाना
तेरा जाना, जैसे मेरा मुझ ही से जुदा हो जाना

सोचता है ये दीवाना,
कि तू जो रूठ जाती, जो मुझे माफ़ ना कर पाती
तेरा ना होना भी तेरे होने का एहसास दिलाता
हर आता पल तुझे पाकर खोने का गम दे जाता
तू ही बता, बिन शमा कैसा परवाना
-- अंशुल

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तु इक पल पहले अंजानी सी
दुजे पल कुछ जानी पह्चानी थी
और अब मुझ पर इक अमिट कहानी सी

जब से तुझे मैने जाना है
तुझे अपना मैने माना है
बिन देखे ये इकरार करुं
तुझे बेइंतहा मैं प्यार करुं
मेरे जीने का तु ही एक बहाना है

हर जन्म तुझे मैने खोया है
पर इस बार मुझे तुझे पाना है
जो इस बार तु मुझसे जुदा हुई
तो समझ लेना अ सनम
मेरा ये आखिरी अफसाना है
तेरी यादों से मुझे निभाना है
और अब लौट के मुझे ना आना है

-- अंशुल
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Secularism

जब कभी धर्म, जात-पात, भाषा या कुछ निजी स्वार्थों पर लोगों के मन बंटते देखता हूँ, हर जगह "ये तेरा और ये मेरा" का नारा बुलंद होते देखता हूँ, तो लगता है कि अगर हम ऐसे ही रहे तो ऐसा ना हो कि आज कि दरारें कल ना पटने वाली खाईयां बन जाए और मन के साथ साथ ये देश भी बँट जाए, कुछ कहने को जी चाहता है, नहीं भाइयों बांटना ही है तो मन जोड़ कर समस्याएं बांटों..
इस post में मैं कुछ ऐसी ही पंक्तियाँ रखूंगा, जो भेदभाव कि राजनीति, मंदिर-मस्जिद, जात-पात को सिरे से नकारती है

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कोई बोले राम राम कोई खुदाए
Beautiful words..
कोई राम कहता है कोई अल्लाह
कोई तीरथ जाता है कोई हज
सबके अपने अपने मानने के तरीके हैं समझो तो सब एक ही है


Lyrics and Translation:

कोई बोले राम राम, कोई खुदाए
[Some call the Lord 'Ram, Ram', and some 'Khuda']
कोई सेवे गुसैयाँ कोई अल्लाहि
[Some serve Him as 'Gusain', others as 'Allah']
कारण करण करीम
[He is the Cause of causes, and Generous]
कृपाधार रहीम
[He showers His Grace and Mercy upon us]
कोई
नहावे तीरथ कोई हज जाये
[Some pilgrims bathe at sacred shrines, others go on Hajj to Mecca]
कोई करे पूजा कोई सिर नवाए
[Some do devotional worship, whilst others bow their heads in prayer]
कोई पढ़े वेद कोई कितेब
[Some read the Vedas, and some the Koran]
कोई ओढे नील कोई सुफेद
[Some wear blue robes, and some wear white]
कोई कहे तुरक कोई कहे हिन्दू
[Some call themselves Muslim, and some call themselves Hindu]
कोई बाछे भिसथ कोई सुरगिंदु
[Some yearn for paradise, and others long for heaven]
कहू नानक जिन हुकम पछाता
[Says Nanak, one who realizes the Hukam of God's Will]
प्रभ साहिब का थिन भेद जाथा
[knows the secrets of his Lord Master]

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वो ख़ुदा है किसी टूटे हुए दिल में होगा
मस्जिदों में उसे ढूँढो न कलीसाओं में
- कतील शिफाई
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Proposal state

Someday felt like opening your heart to someone. Feeling she is the one and only with her you will complete.

Some lines from popular songs, describing this state [will keep adding] :

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किसी और को शायद कम होगी
मुझे तेरी बहुत जरूरत है
पहले भी मैं बहुत तरसा हूँ
तू और ना मुझको तरसाना

Song: चन्दन सा बदन चंचल चितवन (Mukesh)
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ओही चन ओही रातां

मान का गाया हुआ एक खूबसूरत गीत, काफी उम्दा तरीके से शब्दों को पिरोया गया है और उतनी ही ख़ूबसूरती से गाया गया है

Click here for youtube link of this song

Lyrics:
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हंजू रुक्कन दा नाँ नहीं लेनदे
होके मुक्कन दा नाँ नहीं लेनदे

चंद तसवीरां ख़त मान दी कमाई ऐ

अज मेनू फेर तेरी याद आई ऐ
अज मेनू फेर तेरी याद आई ऐ

ओही चन ओही रातां
ओही चन ओही रातां ओही पुरवाई ऐ

अज मेनू फेर तेरी याद आई ऐ
अज मेनू फेर तेरी याद आई ऐ

सदियाँ तां लम्बी मेरे दुखाँ दी कहानी
हंजुयाँ दे मूहरे थोढ़ा सागरां दा पानी

सदियाँ तां लम्बी मेरे दुखाँ दी कहानी
हंजुयाँ दे मूहरे थोढ़ा सागरां दा पानी

ओही सागर ओही कश्ती
ओही सागर ओही कश्ती ओही गहराई अ

अज मेनू फेर तेरी याद आई ऐ

हड्डियाँ दा मैं बालन लावां
तरहक तरहक के मॉस खावावान

हड्डियाँ दा मैं बालन लावां
तरहक तरहक के मॉस खावावान

ओही चूरी ओही पट
ओही चूरी ओही पट पर ओह परायी अ

अज मेनू फेर तेरी याद आई ऐ
अज मेनू फेर तेरी याद आई ऐ

कालजे दी रत्त मैं पिला देयां निचोड़ के
सिवेयाँ दी राख जाईं वंगान विच रोढ के
कालजे दी रत्त मैं पिला देयां निचोड़ के
सिवेयाँ दी राख जाईं वंगान विच रोढ के

ज़िन्दगी ते मौत दी ए
ज़िन्दगी ते मौत दी ए आखरी लड़ाई अ

अज मेनू फेर तेरी याद आई अ
ओही चन ओही रातां ओही पुरवाई ऐ

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मोहब्बत भरे दिल से

आदम का जिस्म जब अनासिर से मिल बना ,
कुछ आग बच रही थी सो आशिक का दिल बना
-- मिर्ज़ा रफ़ी सौदा
अनासिर: elements(earth, fire,wind and water)
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Interpretation: Sauda says that when God had finished making the body of aadam (man) with various elements, He found that there was some fire left. He used it to create the heart of a lover (the thing that is always burning).
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कतील शिफाई

कतील शिफाई का जन्म 1919 में हुआ था। ये अपनी मोहब्बत भरी ग़ज़लों के लिए जाने जाते हैं। कुछ इधर-उधर से बटोरीं गए कुछ कलाम

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अपने होठों पे सजाना चाहता हूँ ।
तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ ।

कोई आंसूं तेरे दामन पर गिरा कर
बूंद को मोती बनाना चाहता हूँ

थक गया मैं याद करते करते तुझको
अब याद तुझे में आना चाहता हूँ

आखरी हिचकी तेरे जानों पे आये
मौत भी में शायराना चाहता हूँ

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व्यंग्य भी बहुत खूब ही करते थे कतील, उदाहरण के तौर पर इन पंक्तियों को लीजिये, जो किसी hypocrite को बखूबी बयान करती हैं

उन को भी है किसी भीगे हुए मंज़र की तलाश
बूँद तक बो ना सके जो कभी सहराओं में

सहरा: Desert
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और ये पंक्तियाँ देखिये, जो बहुत खूबसूरती से मंदिर-मस्जिद संस्कृति को सिरे से नकारती है

वो ख़ुदा है किसी टूटे हुए दिल में होगा
मस्जिदों में उसे ढूँढो न कलीसाओं में

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सच्ची ख़ुशी फकीरी में

करना फकीरी फिर क्या दिलगरी
सदा मगन में रहना जी
कोई दिन बंगला न कोई दिन गाडी जी
कोई दिन जंगल बसना जी
कोई दिन हाथी ना कोई दिन घोडा
कोई दिन पैदल चलना जी
कोई दिन खाजा ना कोई दिन लाडू
कोई दिन फाकम फाका जी