करना फकीरी फिर क्या दिलगरी
सदा मगन में रहना जी
कोई दिन बंगला न कोई दिन गाडी जी
कोई दिन जंगल बसना जी
कोई दिन हाथी ना कोई दिन घोडा
कोई दिन पैदल चलना जी
कोई दिन खाजा ना कोई दिन लाडू
कोई दिन फाकम फाका जी
Posted by Anshul Saturday, March 6, 2010 at 8:53 AM
करना फकीरी फिर क्या दिलगरी
सदा मगन में रहना जी
कोई दिन बंगला न कोई दिन गाडी जी
कोई दिन जंगल बसना जी
कोई दिन हाथी ना कोई दिन घोडा
कोई दिन पैदल चलना जी
कोई दिन खाजा ना कोई दिन लाडू
कोई दिन फाकम फाका जी
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